मंगलवार, 29 जून 2021

वरना लड़कियाँ इतना खुश कैसे रह लेतीं...

 

एक ज़माने में सभी लड़कियां खूबसूरत थी या नहीं रोती बहुत थी. चक्की चलाते आटा पिसती , तेज धूप में मीलों सिर पर पानी की गागर उठाये चलती , कपास कातती, खेतों से सिर पर मनों वजन उठाये उबड़ खाबड़ सड़क पर लड़खड़ा कर  चलते सहमकर बातें करती , हंसती मुस्कुराती यूँ कि जैसे रोती थी .

वक़्त से पहले झुकती कमरें , चेहरों की झुर्रियों वाली उन रोती हुई उदास स्त्रियों में से ही किसी एक ने रची एक कहानी , यह सोच कर कि उनकी बेटी को भी यूँ ही रोना ना पड़े ....

ठुड्डी पर दोनों हाथ टिकाये एक उदास बच्ची को उसकी माँ ने पास बुलाया , गुदगुदाया ...क्या हुआ ?

कुछ नहीं ...अनमनेपन से नहीं कहते हुए  उसकी आँखों के पीछे उदासियों का शुष्क समंदर लहराया ... 

हूँ ...माँ की आँखों में प्रश्न नहीं थे ! वह भी कभी एक ऐसी ही उदास बच्ची थी , उसकी नानी भी , दादी भी ....

मगर उस माँ को इन उदासियों को यही रोक देना था ...

तुम्हे पता है , मैं जब छोटी थी मेरे माँ ने मुझे एक कहानी सुनायी थी , तुम सुनोगी ...

हाँ हाँ. क्यों नहीं ! मगर परियों वाली , सफ़ेद घोड़े के राजकुमार की कहानी तो तुम मुझे कई बार सुना चुकी ....अब लड़की की आँख में आकाशदीप झलका.

कहानी तो सुनायी मैंने , लेकिन कहानी कहते हुए माँ ने जो कहा , मैंने नहीं सुनाया ...तुम्हे पता है जिस वक़्त परमात्मा ने सृष्टि रची , स्त्री को बनाया , उसी समय उस ने किसी को उसके लिए बनाया जो उसे हर समय प्रेम करता है , हर स्थिति में , उसके होने में , ना होने में ! अच्छे- बुरे होने में , सफल -असफल होने में ! वह उसे कभी मिलता है , कभी नहीं मिलता है , कभी दिखता है , कभी नहीं दिखता है ...मगर वह होता है या होती भी है ! 
  
ऐसा हो सकता है मां , ऐसा होता है !!  बच्ची की आँखें विस्फारित हो गईं.

हाँ. होता है ना !  वह हमेशा सफ़ेद घोड़े पर आने वाला राजकुमार ही नहीं होता . हाथ पकड़कर पुल पार कराने वाला पिता भी हो सकता है .  चोटी खींच कर भाग जाने वाला भाई , रूठ कर मनाने वाली बहन , चिढाते रहने वाला मित्र . कोई भी हो सकता है ...वह दृश्य हो या अदृश्य , मगर वह होता जरुर है ! 

लड़की की आँखों के शुष्क समंदर में आशाओं का पानी उतर आया था ...

तुमने मुझे बताया , मगर सब उदास बच्चों को कैसे पता होगा ....

तुम उनको यही कहानी सुनाना !

लड़की ने इस कहानी के आगे सोचा ... कहानी सुनाने के साथ वह स्वयं भी तो वैसी ही हो जाए तो जैसे कि किसी को ईश्वर ने किसी के लिए बनाया , उसे भी बनाया ...
आँचल के साए में घेर लेने वाली मां , अनुशासन में सुरक्षित  रहने की सीख देता पिता , उसकी पसंद की चीज बहुत खिझा कर देने वाला  वाला स्नेहिल भाई या बहन , सन्मार्ग को प्रेरित करता मित्र , कंटीली राहों पर क़दमों के नीचे फूल बिछाने वाला प्रेमी या हाथ पकड़कर हर मुश्किल में साथ रहने वाली प्रेमिका ....
वह जितनी अपने करीब आती गयी वैसी ही होती गयी जैसे कि ईश्वर ने उसे किसी के लिए बनाया . 
उस लड़की ने कहानी में सब कहा , जोड़ा और स्वयं भी वैसी हो गयी . जब वह लड़की बड़ी हुई , माँ हुई तब उसने अपनी बेटी को सुनायी  यही कहानी ... पीढ़ी दर पीढ़ी सब कहते सुनते गये , खुशहाल होते गये ....
वरना ऐसा कैसे हो सकता था कि लड़कियां इतनी खुश रह लेती !!!!

7 टिप्‍पणियां:

  1. उसी सफेद घोड़े पर आनेवाले,मेरे पास रुकने वाले राजकुमार को महसूस करते हुए मैंने कभी सोलह वर्ष को पार
    नहीं किया, उदासी के बादलों को परे धकेलकर पुरवइया बनी रही - जाने कितनों को मेरी इस खुशी से परेशानी हुई, अनुमानों की कहानियाँ गढ़ते रहे । अब उन्हें कौन समझाए कि आज भी मेरे असली 63वें साल में वह राजकुमार आता गया, मेरी ताकत बनता है ... कुछ वक्त के लिए ही सही, मेरी नींद बन जाता है ।

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  2. वाह .... गज़ब की कल्पना , वरना लड़कियाँ इतनी खुश कैसे राह लेतीं ?
    ज़िन्दगी में चाहे कितने ही अवसाद के क्षण आएँ उनको पीछे धकेल कर खुश रहने का प्रयास जारी रहता है ।

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  3. सुनेवाली के मन में आश्वस्ति भरती आपकी यह कहानी लड़कियों को खुश करती रहेगी;अर्धसत्य तो है ही!

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  4. किसी लड़की के लिए ये क्यों जरुरी बनाया जाता हैं कि उसे कोई प्रेम करने वाला अवश्य ही होगा किसी भी रूप में या उसके जीवन के लिए प्रेम करने वाले का होना जरुरी हैं | वैसे तो प्रेम करने वाले लोग लडके के जीवन में भी होते हैं या होना चाहिए | ये कहानियां लड़की के लिए क्यों ताकि उसे समझाया जा सके की कोई तुम्हे प्रेम करे तो उसके लिए कुछ भी कर जाओ कोई भी बलिदान या त्याग या तुम्हारे हर बलिदान त्याग के बदले तुम्हे प्रेम मिले उससे ही धन्य रहो उससे ज्यादा की उम्मीद अपने लिए मत करो | बस प्रेम मिल गया अब उसमे ही खुश रहो |

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  5. कुछ सच से अलग भी जुड़ा रहता है जिन्दगी से .... वह भी थामता है |

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  6. जब इंसान को जीवन जीने के लिए कोई मकसद मिल जाता है तब उसके जीवन से निराशा या दुख कम होते जाते है। लड़कियों का जीवन भी कुछ इसी तरह का है इसलिए वो खुश रहती है।
    बहुत सुंदर कल्पना।

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